WPL 2026 फाइनल: नमस्कार दोस्तों , जैसा कि आप जानते है कि महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 का फाइनल सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं था, बल्कि यह महिला क्रिकेट की बढ़ती ताकत और बदलते ट्रेंड्स का साफ संकेत था। 5 फरवरी 2026 को वडोदरा के BCA स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 6 विकेट से हराकर अपना दूसरा WPL खिताब जीत लिया।
दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 203 रन बनाए, जो किसी भी फाइनल के लिए बड़ा स्कोर माना जाता है। लेकिन RCB की बल्लेबाजी, खासकर स्मृति मंधाना की पारी ने इस लक्ष्य को भी छोटा साबित कर दिया।

DC की मजबूत शुरुआत, लेकिन क्या ये काफी था?
भाई आपको बता दें कि टॉस जीतकर दिल्ली कैपिटल्स ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। जेमिमाह रोड्रिग्स ने जिम्मेदारी संभालते हुए शानदार अर्धशतक जमाया, वहीं लॉरा वोल्वार्ट और चिनेल हेनरी ने तेजी से रन जोड़कर स्कोर को 200 के पार पहुंचा दिया।
दिल्ली की बैटिंग देखने में काफी मजबूत लग रही थी, लेकिन फाइनल जैसे बड़े मैच में सिर्फ बड़ा स्कोर काफी नहीं होता। RCB के गेंदबाजों ने बीच-बीच में विकेट निकालकर दिल्ली को और ज्यादा तेज खेलने से रोके रखा, जिसका असर बाद में साफ दिखा।
Also read – लॉरेन बेल का कमाल: RCB डेब्यू पर इंस्टाग्राम फॉलोअर्स १ मिलियन पार?
RCB की चेज: मंधाना और वोल का शो:
भाई वैसे तो 203 रनों के लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था, लेकिन RCB की शुरुआत देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि टीम दबाव में है। कप्तान स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वोल ने पहले ओवर से ही मैच पर पकड़ बना ली।
मंधाना की बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ नजर आ रहा था। उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए और दिल्ली के गेंदबाजों को कोई लय नहीं पकड़ने दी। दूसरी ओर जॉर्जिया वोल ने शांत रहते हुए तेजी से रन बनाए और कप्तान का पूरा साथ दिया।
दोनों के बीच हुई बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप ने मैच की दिशा तय कर दी। जब मंधाना आउट हुईं, तब तक RCB जीत के बेहद करीब पहुंच चुकी थी।
आखिरी ओवरों में भी नहीं आया दबाव
हालांकि बीच में कुछ विकेट गिरे, लेकिन RCB की बल्लेबाजी गहराई इतनी मजबूत थी कि टीम पर कभी दबाव नहीं आया। आखिरी ओवरों में राधा यादव ने जरूरी चौके लगाकर मैच को खत्म किया और स्टेडियम में जश्न शुरू हो गया। RCB ने 19.4 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया, जो WPL इतिहास के सबसे बड़े सफल रन चेज में से एक है।

स्मृति मंधाना: कप्तान भी, हीरो भी
दोस्तों , इस फाइनल की सबसे बड़ी कहानी स्मृति मंधाना रहीं। उनकी पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह दिखाती थी कि बड़े मैचों में कप्तान कैसे जिम्मेदारी निभाता है।
उनकी कप्तानी, बल्लेबाजी और मैदान पर फैसले — तीनों ने मिलकर RCB को चैंपियन बनाया। इसी वजह से उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
दिल्ली कैपिटल्स की हार: कहां चूक गई टीम?
दिल्ली कैपिटल्स लगातार चौथी बार फाइनल में पहुंची, लेकिन एक बार फिर खिताब से दूर रह गई। गेंदबाजी में मंधाना-वोल की जोड़ी को जल्दी तोड़ न पाना, डेथ ओवरों में रन लुटाना और कुछ अहम मौके गंवाना उनकी हार की बड़ी वजह बने। टीम में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन फाइनल जैसे मैचों में छोटी गलतियां भारी पड़ जाती हैं।
WPL 2026 फाइनल का मतलब:
यह फाइनल साबित करता है कि महिला क्रिकेट अब सिर्फ प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि बेहद रोमांचक भी हो चुका है। 200+ स्कोर, बड़े चेज और स्टार परफॉर्मेंस अब आम बात बनती जा रही है।
RCB के लिए यह जीत इतिहास बन गई, जबकि दिल्ली को अब भी अपने पहले खिताब का इंतजार है। एक बात तय है — WPL आने वाले सालों में और भी बड़ा होने वाला है।




