कौन-कौन से स्टार Players Unsold रहे हैं? ऑक्शन का दिन क्रिकेट फैंस के लिए किसी फाइनल मैच से कम नहीं होता। हर कोई स्क्रीन पर टिका रहता है, इंतज़ार करता है कि कौन खिलाड़ी कितने में जाएगा। लेकिन इसी ऑक्शन में एक ऐसा पल भी आता है, जब कोई बड़ा नाम आता है, बोली शुरू होती है और फिर अचानक सन्नाटा छा जाता है। यही वो पल होता है जब स्टार players unsold रह जाते हैं और फैंस को यकीन ही नहीं होता।
कई बार ऐसा होता है कि जिन खिलाड़ियों से पूरे सीजन की उम्मीदें लगाई जाती हैं, वही ऑक्शन में खरीदार नहीं ढूंढ पाते।

बड़े नाम, लेकिन फिर भी Unsold
सबसे पहले बात करते हैं उन खिलाड़ियों की, जिनका नाम सुनते ही लोग कहते हैं – “ये कैसे Unsold रह गया?”
केन विलियमसन जैसे क्लासिक बल्लेबाज कई बार ऑक्शन में टीमों की प्राथमिकता नहीं बन पाए। वजह टैलेंट की कमी नहीं थी, बल्कि टीमों की जरूरत बदल चुकी थी। फ्रेंचाइजी को उस समय आक्रामक बल्लेबाज चाहिए थे, ना कि एंकर रोल निभाने वाले खिलाड़ी।
एलेक्स हेल्स जैसे पावर हिटर भी कुछ ऑक्शन में Unsold रहे। T20 में उनका रिकॉर्ड शानदार है, लेकिन कभी-कभी टीमों को लगता है कि उनका गेम प्लान उनके सिस्टम में फिट नहीं बैठता।
भाई भारतीय स्टार्स भी नहीं बचे
ये मान लेना गलत होगा कि सिर्फ विदेशी खिलाड़ी ही Unsold रहते हैं। कई बार भारतीय नाम भी इस लिस्ट में आ चुके हैं।
मुरली विजय, जो कभी टीम इंडिया के भरोसेमंद ओपनर रहे, अपने आखिरी ऑक्शन में Unsold चले गए। उम्र, हालिया फॉर्म और टीम कॉम्बिनेशन तीनों ने मिलकर उन्हें बाहर कर दिया।
केदार जाधव भी एक ऐसा नाम रहा, जो पहले करोड़ों में बिकता था, लेकिन बाद में किसी टीम ने हाथ तक नहीं उठाया।
गेंदबाज़ भी रहे शिकार
सिर्फ बल्लेबाज ही नहीं, कई नामी गेंदबाज़ भी ऑक्शन में खाली हाथ लौटे।
इशांत शर्मा जैसे अनुभवी तेज गेंदबाज कई बार Unsold रहे, क्योंकि T20 में टीमें अब युवा और डेथ ओवर स्पेशलिस्ट गेंदबाजों को ज्यादा तरजीह देने लगी हैं।
अमित मिश्रा जैसे लेजेंड स्पिनर भी इस दौर से गुजरे, जबकि उनका अनुभव किसी भी ड्रेसिंग रूम के लिए सोना था।
Unsold होने का असली कारण क्या होता है?
यहां सबसे जरूरी बात समझने वाली है। Unsold होने का मतलब ये बिल्कुल नहीं कि खिलाड़ी खराब है।
असल में ऑक्शन में खिलाड़ी नहीं, टीम की जरूरत बिकती है।
अगर टीम को ओपनर चाहिए और आप मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज हैं, तो चाहे आप कितने ही बड़े नाम क्यों न हों, बोली नहीं लगेगी।
इसके अलावा उम्र, फिटनेस, हालिया प्रदर्शन और बजट भी बड़ा रोल निभाते हैं।
Unsold के बाद भी करियर खत्म नहीं होता
इतिहास गवाह है कि Unsold रहने के बाद भी कई खिलाड़ियों ने जबरदस्त वापसी की है।
कुछ खिलाड़ी बाद में रिप्लेसमेंट के तौर पर आए और पूरे टूर्नामेंट के हीरो बन गए।
क्रिकेट में मौके कभी भी आ सकते हैं। एक इंजरी, एक खराब फॉर्म और टीम को अचानक उसी Unsold खिलाड़ी की जरूरत पड़ जाती है।
भाई फैंस के लिए सबसे चौंकाने वाला पल कौन स होता है?
ऑक्शन में जब कोई बड़ा नाम Unsold जाता है, तो सोशल मीडिया पर वही सबसे ज्यादा ट्रेंड करता है।
लोग सवाल पूछते हैं, मीम बनते हैं और बहस शुरू हो जाती है कि टीमों ने सही फैसला लिया या नहीं।
यही वजह है कि Unsold players वाला टॉपिक Google Discover पर भी तेजी से क्लिक खींचता है, क्योंकि इसमें सरप्राइज और इमोशन दोनों होते हैं।
भाई मेरी आखिरी बात: कौन-कौन से स्टार Players Unsold रहे हैं?
अगर आप सोचते हैं कि Unsold रहना खिलाड़ी के करियर का अंत है, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है।
ऑक्शन एक दिन का खेल है, लेकिन क्लास और अनुभव सालों तक बोलता है। आज जो Unsold है, वही कल किसी टीम का सबसे बड़ा मैच विनर भी बन सकता है और यही क्रिकेट की सबसे खूबसूरत बात है।
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